उत्तर प्रदेश--भाजपाई त्याग पत्रों के निहितार्थ।

Date: 2022-01-13
news-banner

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के त्याग पत्र देने के बाद सरकार के वनविभाग के मंत्री दारा सिंह और कई विधायकों का त्याग पत्र देना कोई मायने रखता है।
 इसे सामान्य दलबदल कहना या हल्के में लेना भाजपा को भारी पड़ सकता है। 
 भाजपा में आने से पूर्व दारा सिंह भी बसपा में मजबूती से पैर जमा रखे थे और वे तीन बार सांसद भी रह चुकेथे। उन्हें भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी में शामिल किया था और अपने पुराने निष्ठावान साथियों की कीमत पर कैबिनेट मंत्री के रूप में सम्मानजनक स्थान दिलाया था।
  कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद दूसरे कैबिनेट मन्त्री दारा सिंह का सरकार और पार्टी से अलग होना भारतीय जनता पार्टी के लिए नया सरदर्द पैदा कर सकता है।
स्वामी प्रसाद मौर्य की तरह दारा सिंह भी अन्य पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और समाज में इनके प्रभाव को देखते हुए ही भाजपा ने इन्हें सरकार में सम्मानजनक स्थान दे रखा था।
 अब किस कारण से इनका भाजपा से मोहभंग हुआ यह स्पष्ट नहीं है कि टिकट कटनेके डर से लोग भाजपा छोड़ते जा रहे हैं या उसे डूबता जहाज समझकर कूद रहे हैं।
  • Leave Your Comments